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Tuesday, October 25, 2016

Curecity Inter-school competition on healthcare


"Curecity" is organizing an Inter-school competition on healthcare on November 19, 2016, between 9 AM to 1 PM at SJ Public school, Janata Colony, Jaipur . There will be an essay competition for class IX to XII on the topic "What precautions should be taken to reduce casualties in road accidents" and a poster competition for class VI to VIII on cleanliness and sanitation.

SSJV Shiksha Samiti and Vardhaman Infotech will be organizing partners. The Inter-school competition will be organized to promote awareness among the students about road safety and cleanliness.

There will be a handsome amount of prize money for the winning students and all the participants are entitled to have a certificate of participation. Schools can send their entries to the Principal, SJ Public school (Phone-0141-2613956) latest by November 12, 2016.

Curecity is a healthcare portal for providing various information about health care and to facilitate connectivity between patients and doctors. Curecity has also initiated a digital drive to support emergency services at the time of road accidents. The very initiative may save several lives.

SJ Public school is a renowned CBSE school run by SSJV Shiksha Samiti established in 1889 and Vardhaman Infotech is a leading information and communication technology company in Jaipur.

बीमारी और दुर्घटना में मदद करेगी क्योरसिटी


Thanks,
Jyoti Kothari (Jyoti Kothari, Proprietor, Vardhaman Gems, Jaipur represents Centuries Old Tradition of Excellence in Gems and Jewelry. He is adviser, Vardhaman Infotech, a leading IT company in Jaipur. He is also ISO 9000 professional)

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Sunday, October 23, 2016

Indian patients have more tolerance: Dr. Anil Sharma


 "Indian patients have more tolerance than their counterparts in the EU and US",  Dr. Anil Sharma told me today during a conversation about his achievements. He added, "Developed countries have much more medical and healthcare facilities than India. Patients, there are aware, sensitive and cautious about their health. Hence, they go to a specialist for consultation in the first and second stages of ailments whereas a larger number of Indian patients visit a specialist mostly when in the third and fourth stages." 
According to him, the state of medical facilities available to the common man in India is vastly different than that of the developed nations and that has created this medico-social gap. His clinical experience reveals that a considerably large number of patients fight through and survive even in face of such under-rated conditions. The inference in his words is — 'When they can survive with such inadequate facilities and adverse conditions, they can also absorb the invasion and shock of surgery". 

Dr Anil Sharma, senior heart surgeon SMS hospital Jaipur
Dr. Anil Sharma during the conversation
Currently in limelight for his successful innovative ways of cardiovascular surgery Dr. Anil Sharma, senior Cardiovascular and Thoracic surgeon in the SMS hospital, Jaipur, has many achievements to his credit.  In a recent interview, Dr. Anil Sharma informed me that his new technique reduces the number and size of the cuts during the surgery. As a professor of  Cardiovascular and Thoracic surgery in the SMS medical college, Jaipur, he is teaching this new technique to his students as well
Dr. Sharma informs that, while teaching, he informs his students about the much higher endurance level of Indian patients as compared with that of European and American patients. He added that though no systematic research has been conducted on the topic, he can claim this to be a fact based on his wide clinical experience. As such, he also advises his students (prospective heart surgeons) that medical research conducted in developed countries can be of help only if and when carefully and critically viewed in the Indian context. 



Interview with Dr. Anil Sharma, the Cardiothoracic surgeon-Video

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Jyoti Kothari (Jyoti Kothari, Proprietor, Vardhaman Gems, Jaipur represents Centuries Old Tradition of Excellence in Gems and Jewelry. He is adviser, Vardhaman Infotech, a leading IT company in Jaipur. He is also ISO 9000 professional)

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Monday, October 10, 2016

सक्षम- कोर्निया अंधत्व मुक्त भारत अभियान


सक्षम- कोर्निया अंधत्व मुक्त भारत अभियान 


राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने अपने सेवा प्रकल्प के माध्यम से एक नया कार्यक्रम "सक्षम" प्रारम्भ किया है जिसका उद्देश्य है कोर्निया अंधत्व मुक्त भारत। इसी वर्ष ५ मार्च, २०१६ को दिल्ली में इस कार्यक्रम के शुरुआत की घोषणा की गई और देश के ८ जिलों में पाइलट प्रोजेक्ट के रूप में इसे शुरू किया गया है जिसमे राजस्थान की राजधानी गुलाबी नगरी जयपुर भी एक है.

सक्षम- कोर्निया अंधत्व मुक्त भारत अभियान 

अभी हाल ही में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सेवा प्रकल्प के प्रमुख एवं प्रचारक माननीय श्री गुणवंत जी कोठारी जयपुर पधारे थे एवं उन्होंने इस प्रकल्प की जानकारी देते हुए इसमें जुड़ने का आग्रह किया। इसके कुछ ही दिनों के बाद सक्षम के प्रमुख एवं प्रचारक माननीय डॉक्टर सुकुमार जी जयपुर पधारे एवं उनसे इस सम्वन्ध में विस्तृत चर्चा हुई.

भारत में लगभग १.५० करोड़ लोग दृष्टि वाधित हैं और उनमे से लगभग २५ प्रतिशत कोर्निया जनित अंधत्व से पीड़ित हैं. यदि उपयुक्त संख्या में नेत्र मिल जाए तो उन्हें सामान्य शल्यक्रिया के द्वारा स्वस्थ्य किया जा सकता है और उनके आँखों की रौशनी वापस आ सकती है. इसके लिए मरणोपरांत नेत्रदान को प्रोत्साहित करना आवश्यक है।

एक अनुमान के अनुसार इस समय भारत में लगभग ४० लाख लोग कोर्निया अन्धत्व से पीड़ित हैं और उन्हें आँखों की जरुरत है परंतु दुर्भाग्य से भारत में साल में मात्र २५००० आँखें ही दान में आती है. इस कमी को पूरा करने के लिए व्यापक जनजागृति की आवश्यकता है साथ ही कोर्निया अन्धत्व से पीड़ित लोगों की जांच कर उनका डाटाबेस बनाना भी जरुरी है. इसके लिए व्यापक संगठन एवं कठिन परिश्रम की जरुरत है.

गौरतलब है की मारने के बाद आँखें दान में देने से उस व्यक्ति या परिवार को कोई हानि नहीं होती एवं दो आँखों से दो व्यक्ति को रौशनी मिल सकती है. इससे अच्छा दान और पुण्य कार्य क्या हो सकता है? अतः आप सभी से निवेदन है की इस पुनीत काम में आगे आएं और अधिक सेअधिक लोगों को प्रोत्साहित कर इस पुण्य कार्य में भागीदार बनें.

बीमारी और दुर्घटना में मदद करेगी क्योरसिटी


#RSS #राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ #सक्षम #कोर्नियाअंधत्वमुक्तभारतअभियान

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Monday, October 3, 2016

बीमारी और दुर्घटना में मदद करेगी क्योरसिटी


curecity digital platform to search doctors
क्योरसिटी
इस आधुनिक युग में परिवर्तित जीवनशैली के कारण बीमारियां बढ़ रही है और उनका स्वरुप भी बदल रहा है. साथ ही निदान एवं उपचार के भी नये नये साधन विकसित हो रहे हैं. लेकिन इन सबकी जानकारी इकट्ठी करना एक कठिन काम है. खास कर किसी भी बीमारी की स्थिति में सही डाक्टर का चुनाव करना किसी चुनौती से कम नहीं है. इस समस्या के समाधान के लिए एक डिजिटल प्लेटफार्म उपलव्ध है जो आपको किसी भी बीमारी की स्थिति में सही डॉक्टर के चयन में मदद करती है. इसमें डॉक्टरों से संवंधित अनेक जानकारियां दी गई है जैसे डॉक्टर का नाम, क्लीनिक का पता, विशेषज्ञता आदि.

"क्योरसिटी" नाम के इस डिजिटल प्लेटफार्म में डॉक्टरों के अलावा चिकित्सा से संवंधित अन्य अनेक जानकारियां भी है जैसे, अस्पताल, नर्सिंग होम, निदान केंद्र, एम्बुलेंस सुविधा, दावा की दुकाने आदि. कुल मिला कर इंटरनेट के इस युग में क्योरसिटी वो सभी जानकारियां प्रदान करती है जीसकी किसी बीमारी के समय किसी व्यक्ति को जरुरत पड़ती है.

 हम सभी जानते हैं की भारत में सड़क दुर्घटनाओं की एवं उन दुर्घटनाओं में मरनेवालों की संख्या विश्व में सर्वाधिक है. सड़क दुर्घटनाओं में करीब आधे लोग केवल इस लिए मर जाते हैं क्योंकि उन्हें वक्त पर चिकित्सकीय सुविधाएँ उपलध नहीं हो पाती है. समय पर सुचना एवं इलाज से ऐसे लाखों लोगों की जान बचाई जा सकती है. "क्योरसिटी" इस दिशा में अब एक बहुत ही महत्वपूर्ण काम कर रही है.

हर उच्च मार्ग (Highway) के नजदीकी अस्पतालों की एक सूचि बनाई जा रही है और उसे QR कोड के जरिये क्योरसिटी डिजिटल प्लेटफार्म से जोड़ा जा रहा है. इसी तरह का एक QR कोड गैयों में भी लगवाया जा रहा है जिसमे संभावित दुर्घटना की स्थिति में स्वचालित तरीके से सूचनाओं का त्वरित आदान प्रदान किया जा सके. इससे दुर्घटना ग्रस्त व्यक्ति की सही जानकारी तत्काल निकटवर्ती अस्पतालों को पहुच जाएगी जिससे वे इलाज का समुचित प्रवंध कर सकें. साथ ही दुर्घटना ग्रस्त व्यक्ति के परिजनों को भी इसकी सुचना तत्काल मिल जाएगी जिससे वे भी सहायता हेतु तत्काल वहां पहुच सकें। इस ऐप में मानचित्र भी होगा जिससे दुर्घटना स्थल की भी सही जानकारी मिल सकेगी।

अभी पायलट प्रोजेक्ट के रूप में दिल्ली- उदयपुर राजमार्ग को चुना गया है और भविष्य में अन्य राजमार्गों तक इसका विस्तार किया जायेगा।

          Dainik Bhaskar, Page 5, October 7, App developed by Darshan Kothari, Vardhaman Infotech
क्योरसिटी, दैनिक भास्कर, ७ अकटूबर 
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