प. पू. अगम ज्योति प्रवर्तिनी श्री सज्जन श्री जी महाराज साहब की सुशिष्या प. पू. जय श्री जी महाराज साहब का स्वर्गवास दिनांक १३ अक्टूबर २०१० को जोधपुर में हो गया. पू. साध्वी जी की गुणानुवाद सभा १4 अक्टूबर २०१० क विचक्षण भवन, मोती सिंह भोमियों का रास्ता, जोहरी बाज़ार, जयपुर में प्रातः १० वाजे आयोजित किया गया.
आपके सुदीर्घ संयम जीवन की अनुमोदना करते हुए पू. साध्वी श्री संयमनिधि श्री जी ने कहा की आप का चरित्र उत्तम कोटि का था.
संघ मंत्री ज्योति कोठारी ने कहा की आप जयपुर के मेहता परिवार की बहु थीं. आपके पति श्री इन्दरमल जी मेहता के निधन के बाद उन्होंने सन १९७० में प. पू. सज्जन श्री जी महाराज के पास दीक्षा अंगीकार की. आप ने अनेक शाश्त्रों का अध्ययन किया एवं विदुषी बनी. आपकी दो शिष्याएं भी बनी. वो दोनों भी विदुषी हैं. ज्योति कोठारी ने श्री जैन श्वेताम्बर खरतर गच्छ संघ, जयपुर की और से उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की.
१२ नवकार मंत्र स्मरण कर उनकी आत्मा की शांति हेतु प्रार्थना की गई.
Saturday, October 16, 2010
News and articles on Navpad Oli (Ayambil Oli)
This is the third day of Navpad Oli (Ayambil Oli) and Jain community has worshiped Acharya Pad today. The previous two days were meant for Arihant and Siddha Pad.
There are several news reports and articles on the topic. Please click and view those. You can click below to stay tuned for latest news.
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Jyoti Kothari
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Jyoti Kothari
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Latest news reports on Commonwealth games, CWG Delhi 2010
This is the latest news on Commonwealth games, CWG Delhi 2010. Prime Minister Dr. Manmohan Singh has constituted a high level inquiry committee to investigate CWG scam. The committee will investigate and report to him with in three months. I have written detailed report on the topic at Allvoices news.
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Jyoti Kothari
(Jyoti Kothari, Proprietor, Vardhaman Gems, Jaipur represents Centuries Old Tradition of Excellence in Gems and Jewelry. He is also ISO 9000 professional)
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CWG Scam: Prime Minister constituted high level inquiry committee
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Jyoti Kothari
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Thursday, October 14, 2010
Commonwealth Games CWG Delhi 2010: Live closing Ceremony News
Commonwealth Games CWG Delhi 2010 finished. Gala closing ceremony is on at Jawaharlal Nehru stadium. India has shown wonderful performance in the opening ceremony and this is the turn for closing ceremony.
I am reporting live coverage of the closing ceremony at Allvoices News. Please stay tuned to view this clicking links below.
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Jyoti Kothari
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CWG: Gala opening ceremony dazzling close
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Monday, October 11, 2010
Paush Dashmi Video: Procession from Mohanbadi to Suparshwanath Jain temple
Procession from Mohanbadi to Suparshwanath Jain temple on the eve of Parasnath Janma Jayanti (Paush Dashmi)
Maps
Mohanbadi Swetambar Jain Temple
Maps
Mohanbadi Swetambar Jain Temple
Katla Mandir: Video
Katla Mandir is a temple of Lord Adinath situated between Sanganeri gate and Ghat gate near Agrawal college at Agra road, Jaipur. The temple is managed by Sri Jain Shwetambar Khartar Gachchh Sangh, Jaipur.
Map of Katla Mandir
Map of Katla Mandir
Navpad Oli program in Jaipur and Malpura Dadabadi
Navpad Oli starts from October 14, 2010, Ashwin Shukla Saptami. This nine days festival will prolong till Sharad Purnima, October 22.
Sri Jain Shwetambar Khartar Gachchh Sangh, Jaipur will organize Navpad Oli both in Jaipur and Malpura.
Navapad Oli will be celebrated in Jaipur at Shiv Ji Ram Bhawan in the auspices of P.P. Sanyamnidhi Shree Ji, Atmanidhi Shree ji. There will be arrangement of Ayambil at the Sangh Bhawan. Daily Pravachan on Sripal Ras will be held at Vichakshan Bhawan in the morning hours.
Navpad Oli (Ayambil Oli) will be celebrated in Malpura Dadabadi in he auspices of P.P. Chandrakala Shree Ji and P.P. Maniprabha Shree Ji Maharaj. Navpad Puja will be conducted in the afternoon on first six days of the Navpad Oli. There will be Siddhchakra Mahapujan on the seventh day, i.e. October 20. Navapad Mahapujan will be on 21 and Dadaguru Dev Pujan will be organized on October 22, Sharad Purnima.
Three days long Vichakshan Smrii Samaroha will be organized on 17, 18 and 19 October. Khartar Gachchh Sangh, Jaipur will organize all these program in Malpura Dadabadi.
View the article for details:
Navpad Oli in Jainism
Sri Jain Shwetambar Khartar Gachchh Sangh, Jaipur will organize Navpad Oli both in Jaipur and Malpura.
Navapad Oli will be celebrated in Jaipur at Shiv Ji Ram Bhawan in the auspices of P.P. Sanyamnidhi Shree Ji, Atmanidhi Shree ji. There will be arrangement of Ayambil at the Sangh Bhawan. Daily Pravachan on Sripal Ras will be held at Vichakshan Bhawan in the morning hours.
Navpad Oli (Ayambil Oli) will be celebrated in Malpura Dadabadi in he auspices of P.P. Chandrakala Shree Ji and P.P. Maniprabha Shree Ji Maharaj. Navpad Puja will be conducted in the afternoon on first six days of the Navpad Oli. There will be Siddhchakra Mahapujan on the seventh day, i.e. October 20. Navapad Mahapujan will be on 21 and Dadaguru Dev Pujan will be organized on October 22, Sharad Purnima.
Three days long Vichakshan Smrii Samaroha will be organized on 17, 18 and 19 October. Khartar Gachchh Sangh, Jaipur will organize all these program in Malpura Dadabadi.
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Navpad Oli in Jainism
आमेर तीर्थ पर ऐतिहासिक मेला एवं चंदाप्रभु भगवान के मंदिर में श्री नन्दीश्वर द्वीप पूजन धूमधाम से संपन्न
आमेर तीर्थ पर ऐतिहासिक मेला एवं आमेर श्री चंदाप्रभु भगवान के मंदिर में श्री नन्दीश्वर द्वीप पूजन कल 10 अक्टूबर को धूमधाम से संपन्न हुआ. इस अवसर पर परम पूज्या साध्वी श्री मणिप्रभा श्री जी की सुशिष्या गण प्. पु. साध्वी विद्युत्प्रभा श्री जी, हेमप्रज्ञा श्री जी, संयम निधि श्री जी, आत्मनिधि श्री जी आदि प्रातः ५.१५ बजे शिव जी राम भवन से पैदल बिहार कर आमेर पहुची. इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रावक श्राविकाएं भी उनके साथ थीं. आमेर पहुचने के बाद चैत्यवंदन के पश्चात श्री भक्तामर स्तोत्र का पाठ हुआ.
इसके बाद उपश्थित श्रद्धालुओं के लिए नाश्ते का आयोजन किया गया.
नाश्ते के बाद श्री नन्दीश्वर द्वीप की पूजा पढाई गई . यह प्राचीन पूजा आमेर मंदिर में ही दो सौ वर्ष पूर्व रचित हुई थी. तब से ही यह पूजा यहाँ पर अनवरत रूप से होती चली आ रही है. इस अवसर पर सदा की भांति नन्दीश्वर द्वीप की रचना भी की गई. नन्दीश्वर द्वीप के बावन जिनालयों में बावन जिन प्रतिमाओं की पूजा की गई. इन सभी जिनालयों को अच्छी तरह से श्रृंगारित व सुशोभित किया गया था.
पूजा के मध्य में मंदिर के ध्वजारोहण का कार्यक्रम भी हुआ. श्री विजय कुमार सचेती परिवार ने चढ़ावा बोल कर ध्वजा चढाने का लाभ लिया. पूज्या साध्वी मंडल के अतिरिक्त संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री मानक चंद गोलेछा ने पूजा पढ़ने में विशेष योगदान दिया.
पूजा के बाद साधर्मी वात्सल्य का आयोजन था. इस कार्यक्रम में लगभग २५०० लोगों उपस्थित थे. श्वेताम्बर आम्नाय के सभी पंथ खरतर गच्छ, तप गच्छ, स्थानक वासी, तेरापंथी आदि सभी ने इस मेले में भाग लिया. खरतर गच्छ संघ की पूर्व अध्यक्षा श्रीमती जतन कँवर गोलेछा, पूर्व अध्यक्ष श्री कुशल चंद सुराना, पूर्व मंत्री श्री नवरतन माल श्रीश्रीमाल, श्रीमाल सभा के मंत्री श्री धर्मेन्द्र टांक, मुल्तान सभा के मंत्री श्री नेमकुमार जैन व पूर्व अध्यक्ष श्री त्रिलोकचंद सिंघी, जवाहर नगर संघ के मंत्री श्री तिलोक चंद गोलेछा आदि अनेक गणमान्य व्यक्तिओं के साथ ही संघ के वर्त्तमान पदाधिकारियो व कर्करिणी समिति के सदस्यों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया.
भोजन व्यवस्था का संयोजन संघ के उपाध्यक्ष श्री राजेंद्र कुमार छाजेड एवं कोषाध्यक्ष श्री मोहनलाल डागा ने किया. आमेर के व्यवस्थापक श्री प्रताप लुनावत ने विशेष परिश्रम से सम्पूर्ण कार्यक्रम को सफल बनाया. श्री कमल लोढा की और से निशुल्क कैटरिंग की गई.
इस कार्य क्रम को भास्कर T V ने भी दिखाया.
कार्यक्रम का आयोजन श्री जैन श्वेताम्बर खरतर गच्छ संघ, जयपुर की और से कराया गया. कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिया संघ मंत्री श्री ज्योति कोठारी ने समस्त संघ का एवं सभी कार्यकर्ताओं का आभार जताया.
इसके बाद उपश्थित श्रद्धालुओं के लिए नाश्ते का आयोजन किया गया.
नाश्ते के बाद श्री नन्दीश्वर द्वीप की पूजा पढाई गई . यह प्राचीन पूजा आमेर मंदिर में ही दो सौ वर्ष पूर्व रचित हुई थी. तब से ही यह पूजा यहाँ पर अनवरत रूप से होती चली आ रही है. इस अवसर पर सदा की भांति नन्दीश्वर द्वीप की रचना भी की गई. नन्दीश्वर द्वीप के बावन जिनालयों में बावन जिन प्रतिमाओं की पूजा की गई. इन सभी जिनालयों को अच्छी तरह से श्रृंगारित व सुशोभित किया गया था.
पूजा के मध्य में मंदिर के ध्वजारोहण का कार्यक्रम भी हुआ. श्री विजय कुमार सचेती परिवार ने चढ़ावा बोल कर ध्वजा चढाने का लाभ लिया. पूज्या साध्वी मंडल के अतिरिक्त संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री मानक चंद गोलेछा ने पूजा पढ़ने में विशेष योगदान दिया.
पूजा के बाद साधर्मी वात्सल्य का आयोजन था. इस कार्यक्रम में लगभग २५०० लोगों उपस्थित थे. श्वेताम्बर आम्नाय के सभी पंथ खरतर गच्छ, तप गच्छ, स्थानक वासी, तेरापंथी आदि सभी ने इस मेले में भाग लिया. खरतर गच्छ संघ की पूर्व अध्यक्षा श्रीमती जतन कँवर गोलेछा, पूर्व अध्यक्ष श्री कुशल चंद सुराना, पूर्व मंत्री श्री नवरतन माल श्रीश्रीमाल, श्रीमाल सभा के मंत्री श्री धर्मेन्द्र टांक, मुल्तान सभा के मंत्री श्री नेमकुमार जैन व पूर्व अध्यक्ष श्री त्रिलोकचंद सिंघी, जवाहर नगर संघ के मंत्री श्री तिलोक चंद गोलेछा आदि अनेक गणमान्य व्यक्तिओं के साथ ही संघ के वर्त्तमान पदाधिकारियो व कर्करिणी समिति के सदस्यों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया.
भोजन व्यवस्था का संयोजन संघ के उपाध्यक्ष श्री राजेंद्र कुमार छाजेड एवं कोषाध्यक्ष श्री मोहनलाल डागा ने किया. आमेर के व्यवस्थापक श्री प्रताप लुनावत ने विशेष परिश्रम से सम्पूर्ण कार्यक्रम को सफल बनाया. श्री कमल लोढा की और से निशुल्क कैटरिंग की गई.
इस कार्य क्रम को भास्कर T V ने भी दिखाया.
कार्यक्रम का आयोजन श्री जैन श्वेताम्बर खरतर गच्छ संघ, जयपुर की और से कराया गया. कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिया संघ मंत्री श्री ज्योति कोठारी ने समस्त संघ का एवं सभी कार्यकर्ताओं का आभार जताया.
Amber Jain temple
Map of Amber temple
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नन्दीश्वर द्वीप पूजन
Saturday, October 9, 2010
आमेर में अठारह अभिषेक एवं दादागुरु देव पूजन संपन्न, मेला आज
आमेर श्री चंदाप्रभु भगवान के मंदिर व दादाबाड़ी में अठारह अभिषेक एवं दादागुरु देव पूजन कल ९ अक्टूबर को संपन्न हुआ. अमर तीर्थ पर ऐतिहासिक मेला आज दिनांक १० अक्टूबर को होने जा रहा है. इस अवसर पर परम पूज्य साध्वी श्री मणिप्रभा श्री जी की सुशिष्या गण प्. पु. साध्वी विद्युत्प्रभा श्री जी, हेमप्रज्ञा श्री जी, संयम निधि श्री जी, आत्मनिधि श्री जी आदि प्रातः ५.१५ बजे शिव जी राम भवन से पैदल बिहार कर आमेर पहुचेंगी. इस अवसर पर अनेक श्रावक श्राविकाएं भी उनके साथ होंगे.
मेले में आज श्री नन्दीश्वर द्वीप की पूजा पढाई जाएगी. यह प्राचीन पूजा आमेर मंदिर में ही दो सौ वर्ष पूर्व रचित हुई थी. तब से ही यह पूजा यहाँ पर अनवरत रूप से होती चली आ रही है.
पूजा के बाद साधर्मी वात्सल्य का आयोजन है. इस कार्यक्रम में लगभग २५०० से ३००० लोगों के उपस्थित रहने की सम्भावना है. श्वेताम्बर आम्नाय के सभी पंथ खरतर गच्छ, तप गच्छ, स्थानक वासी, तेरापंथी आदि सभी इस मेले में भाग लेते हैं.
कार्यक्रम का आयोजन श्री जैन श्वेताम्बर खरतर गच्छ संघ, जयपुर की और से कराया जा रहा है.
Map of Amber temple
मेले में आज श्री नन्दीश्वर द्वीप की पूजा पढाई जाएगी. यह प्राचीन पूजा आमेर मंदिर में ही दो सौ वर्ष पूर्व रचित हुई थी. तब से ही यह पूजा यहाँ पर अनवरत रूप से होती चली आ रही है.
पूजा के बाद साधर्मी वात्सल्य का आयोजन है. इस कार्यक्रम में लगभग २५०० से ३००० लोगों के उपस्थित रहने की सम्भावना है. श्वेताम्बर आम्नाय के सभी पंथ खरतर गच्छ, तप गच्छ, स्थानक वासी, तेरापंथी आदि सभी इस मेले में भाग लेते हैं.
कार्यक्रम का आयोजन श्री जैन श्वेताम्बर खरतर गच्छ संघ, जयपुर की और से कराया जा रहा है.
Amber Jain temple
Map of Amber temple
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Friday, October 8, 2010
Atharah Abhishek and Dadaguru Dev pujan at Amer (Amber)
Mulgambhara, Amber temple
Gumbaz, Amber Jain temple
View of Amber fort from Dadabadi
Sri Jain Swetambar Khartar Gachchh Sangh will organizes Atharah Abhishek at Sri Chandaprabhu Jain temple, Amber and Dadabadi for cleaning and purification of the idols and foot prints tomorrow morning Saturday, October 9, 2010.Vidhikarak Prem Chand Shrishrimal will perform all rituals.
Atharah Abhishek Puja will be followed by Dadaguru Dev Puja in the Dadabadi, Amber. Both of these program is being organized on the previous day of Amer mela (Sunday, October 10, 2010)
Amber Jain temple
Map of Amber temple
Annual program of Chandaprabhu Jain temple, Amber on Sunday, October 10, 2010
Thursday, October 7, 2010
Navpad Oli (Ayambil Oli) begins on October 14, 2010
Navpad Oli (Ayambil Oli) will begin on October 14, 2010. Navpad Oli will continue till October 22. Sharad Purnima falls on this day, October 22.
Jain community will observe nine days' Ayambil (Amil) during these nine days of Navpad Oli. Navpad Oli will be observed in different parts of India.
Sri Jain Swetambar Khartar Gachchh Sangh, Jaipur will organize great ceremony on this eve at Malpura Dadabadi on the auspices of Param Pujya Sadhwi Maniprabha Sri Ji.
Please view this article:
Jain Festival of India: Navpad Oli (Ayambil) in Jainism
Jain community will observe nine days' Ayambil (Amil) during these nine days of Navpad Oli. Navpad Oli will be observed in different parts of India.
Sri Jain Swetambar Khartar Gachchh Sangh, Jaipur will organize great ceremony on this eve at Malpura Dadabadi on the auspices of Param Pujya Sadhwi Maniprabha Sri Ji.
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Jain Festival of India: Navpad Oli (Ayambil) in Jainism
Articles about Jain and Jainism
There are several articles about Jain religion, philosophy, culture, pilgrimage, temples, dadabadi and many other Jainism related topics.
Internet helps us writing and finding these articles easily. Many one like to read and write such articles know about Jainism, Jain culture, Jain temples etc.
I have written few articles on these topics and posting links to those articles for your perusal.
Please click and view these articles:
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Global Warming and Climate Change
What is global warming and climate change?
What is climate change?
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Jyoti Kothari
Jyoti Kothari is an author and hubber who writes about Gems and Jewelry, India, Economy, Finance, Management, Skills, Job, Employment, Food, Environment, Jainism and on many other topics. He is proprietor, Vardhaman Gems, Jaipur, representing centuries old tradition of Excellence in Gems and Jewelry.
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Navratri begins Shraddh Paksh (Pitri Paksh) ended
Navratri (Navaratri, Navratra) begins from tomorrow, Friday, October 8, 2010. Fortnight long Shraddh Paksh (Pitri Paksh) has ended today. Ashwin Krishna Amavasya, the last day of he Pitri Paksh is known as Mahalaya. Bengali people observe Mahalaya with great enthusiasm.
Hindu community paid homage to their ancestors during these days. Normally they do not organize any auspicious event during these days.
Navratri begins with joy. Hindu community celebrates this festival by worshiping Nav Durga. Durga Puja is the biggest festival in West Bengal state in India.
I have written few articles about these festivals. Please click below to view those.
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Jyoti Kothari
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Navratri begins with joy. Hindu community celebrates this festival by worshiping Nav Durga. Durga Puja is the biggest festival in West Bengal state in India.
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Festival of India: Navratri
Navratri Festival of India: Nav Durga
Festival of India: Shraddh Paksh: Pitri PakshThanks,
Jyoti Kothari
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Annual program of Chandaprabhu Jain temple, Amber on Sunday, October 10, 2010
Annual program of Sri Chandaprabhu Jain temple, Amber will be held on Sunday, October 10, 2010. Nandishwar Dweep Pujan will be organized as usual in the morning followed by Sadharmi Vatsalya (Lunch). Large numbers of Jaipur Swetambar Jain people participate in this annual program popularly known as Amer Mela.
Sthanakvasi, Terapanthi, Tapagachchh, Khartar Gachchh all sects of Swetambar Jain community join the Amer Mela. However, the program is solely organized by the Khartar Gachchh Sangh, Jaipur.
Amber Jain temple is one of the oldest temple in Jaipur. Sri Chandaprabhu Swami is the main deity of the temple along with two other Tirthankar idols.
Sri Jin Kushal Suri Dadabadi is situated opposite to the temple.
Map of Amber temple
Sthanakvasi, Terapanthi, Tapagachchh, Khartar Gachchh all sects of Swetambar Jain community join the Amer Mela. However, the program is solely organized by the Khartar Gachchh Sangh, Jaipur.
Amber Jain temple is one of the oldest temple in Jaipur. Sri Chandaprabhu Swami is the main deity of the temple along with two other Tirthankar idols.
Sri Jin Kushal Suri Dadabadi is situated opposite to the temple.
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